सत सत नमन

Posted on
  • Tuesday, April 5, 2011
  • by
  • PRIYANKA RATHORE
  • in





  • प्यार तो कारण है  
    उन लम्हों का
    जो बीतें है साथ
    बचपन में
    वो ममता ,वो दुलार
    और वो गोदी
    तभी -
    लम्हों में सिमटा है प्यार
    जो कारण है अपनेपन का
    भावों का और अहसासों का .........!!




    प्रियंका राठौर

    7 comments:

    कविता रावत said...

    माँ का प्यार, सबसे प्यारा सबसे न्यारा!

    DR. ANWER JAMAL said...

    @ प्रियंका राठौर जी ! मैं आपकी रचनाओं का प्रशंसक हूँ और आपको इस मंच पर देखने का भी इच्छुक था .
    इस ब्लॉगको ज्वाइन करके आपने मेरी इच्छा को भी सम्मान दिया है और मुझे यह मौक़ा भी दिया है कि अब मैं आपको ज्यादा पढ़ सकूंगा .
    मैं आपका शुक्रगुज़ार हूँ आपकी आमद के लिए भी और इतनी प्यारी रचना के लिए भी .
    सुस्वागतम .

    @ कविता जी ! काफी दिनों बाद आपकी टिप्पणी मिली जबकि हमारी ख्वाहिश है कि आप भी इस अभियान में एक लेखिका के तौर पर हिस्सा लें .
    शुक्रिया.

    शिखा कौशिक said...

    Priyanka ji aapke naam ki tarah hi bahut pyari rachna prastut ki hai aapne .bahut bahut shubhkamnayen .

    PRIYANKA RATHORE said...

    aap sabhi ka bahut bahut dhanybad...
    @shikha ji- thanks ....aaj pahli baar kisi ne mere naam ki tareef ki hai.... :)

    HAKEEM YUNUS KHAN said...

    Nice post.

    सदा said...

    मां के बारे में जितना कहा जाये कम .....बहुत ही अच्‍छा लिखा है आपने ।

    Manpreet Kaur said...

    बहुत ही अच्छे शबदो का उपयोग किया आपने !मेरे ब्लॉग पर आये ! हवे अ गुड डे !
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