माँ दुनिया की सबसे प्यारी चीज होती है. जीवन में व्यक्ति सब कुछ प्राप्त कर सकता है पर माँ यदि खो जाये तो फिर नहीं मिलती. वे लोग बड़े खुशनशीब होते हैं जिनकी माँ होती है. मेरी माँ भी बड़ी प्यारी थी पर वे मुझे छोड़ कर चार साल पहले दुनिया से चली गईं. हम अब सिर्फ उनकी याद ले कर जीते हैं और साल में उनकी पुण्य तिथि मना लेते हैं. मेरी माँ ने मुझे हमेशा अच्छे काम करने के लिए प्रेरित किया और संतोषी बनने की शिक्षा दी. वे हमेशा कहती थी संतोषी सदा सुखी. वे हमेशा संकट के समय धीरज रखने की सलाह देती थीं और मुश्किल समय में सांत्वना देते हुए कहती थी की उद्यम करो संकट दूर हो जायेगा. हम आज भी उनके बताये रस्ते पर चल कर गर्व महसूस करते हैं. प्रथम पुण्य तिथि: श्रीमती कुसुम कुमारी कोठारी
बस एक माँ है जो मुझ से कभी ख़फ़ा नहीं होती