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अच्छी माँ !

माँ तू कितनी अच्छी है  तू कितनी भोली है  प्यारी -प्यारी है  हमारे घर की दुलारी है  हमरी बगिया की माली है  हम को बोया तुने  हम को सींचा तुने  फिर हम मे खाद डाली  आज हम पेड़ बन चुके है  फल -फूल से लद चुके है  हम रे जीवन मै बहार लाने वाली तू  हम को हर पतझड़ से बचाने वाली तू  खिज़ा से हम को तू ने बचाया  बहारो से हम को तू ने मिलवाया  तेरी छाया पाकर हम परवान चढ़ गए  तेरे साए में रहकर हम निहाल हो गए  हर दुःख से हम को लड़ना तू ने सिखाया  हर मुश्किल से हम को उबरना तू ने सिखाया  मंजिल पर हम को आगे बड़ना तू ने सिखाया  हम तेरे कर्जदार है यह कर्ज केसे उतारे  बस !यही उलझन है तू आ के बतला दे -- आज आँखे तेरे दीदार को तरस रही है  क्योकि तू हम को छोड़ कर स्वर्ग में बस रही है !