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...जिनकी माँ नहीं होती ..!

''हमारी हर खता को मुस्कुराकर माफ़ कर देती ; खुदा नहीं मगर ''माँ' खुदा से कम नहीं होती .'' ''हमारी आँख में आंसू कभी आने नहीं देती ; कि माँ की गोद से बढकर कोई जन्नत नहीं होती .'' ''मेरी आँखों में वो नींद सोने पे सुहागा है ; नरम हथेली से जब माँ मेरी थपकी है देती .'' ''माँ से बढकर हमदर्द दुनिया में नहीं होता ; हमारे दर्द पर हमसे भी ज्यादा माँ ही तो रोती .'' ''खुदा के दिल में रहम का दरिया है बहता ; उसी कि बूँद बनकर ''माँ' दुनिया में रहती .'' ''उम्रदराज माँ कि अहमियत कम नहीं होती ; ये उनसे पूछकर देखो कि जिनकी माँ नहीं होती .''                                            शिखा कौशिक http://shikhakaushik666.blogspot.com/           

खुदा का नूर ''माँ''

बड़े तूफ़ान में फंसकर भी मैं बच जाती हूँ ; दुआएं माँ की मेरे साथ साथ चलती हैं . ******************************* तमाम जिन्दगी उसकी ही तो अमानत है  ; सुबह होती है उसके साथ ;शाम ढलती है . ******************************* खुदा का नूर है वो रौशनी है आँखों की ; शमां बनकर वो दिल के दिए में जलती है  ************************************ नहीं वजूद किसी का कभी उससे अलग ; उसकी ही कोख में ये कायनात पलती है . *********************************** उसके साये में गम के ओले नहीं आ सकते ; दूर उससे हो तो ये बात बहुत खलती है . ********************************** मेरे लबो पे सदा माँ ही माँ  रहता है ; इसी के  डर से  बला अपने आप टलती है . **********************************   http://shikhakaush...