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माँ जो चाहे तुमसे प्यारे वही काम तुम करना.

जीवन में गर चाहो बढ़ना,     माँ की पूजा करना. माँ जो चाहे तुमसे प्यारे,   वही काम तुम करना. माँ के आशीर्वाद को पाकर,    जब तुम कहीं भी जाओगे. मनमाफिक हो काम तुम्हारा,     खुशियाँ सारी पाओगे. कोई काम करने से पहले माँ का कहा ही करना, माँ जो चाहे तुमसे प्यारे वही काम तुम करना. माँ ने ही सिखलाया हमको,     बड़ों की सेवा करना. करनी पड़े मदद किसी की,    कभी न पीछे हटना. करो सहायता यदि किसी की अहम् न इसका करना, माँ जो चाहे तुमसे प्यारे वही काम तुम करना.                    शालिनी कौशिक 

माँ को शीश नवाना है.

होगा जब भगवान् से मिलना हमें यही तब कहना है, नमन तुम्हे करने से पहले माँ को शीश नवाना है. माँ ने ही सिखलाया हमको प्रभु को हर पल याद करो, मानव जीवन दिया है तुमको इसका धन्यवाद् करो. माँ से ही जाना है हमने क्या क्या तुमसे कहना है, नमन तुम्हे करने से पहले माँ को शीश नवाना है. जीवन की कठिनाइयों को गर तुम्हे पार कर जाना है , प्रभु के आगे काम के पहले बाद में सर ये झुकाना है. शिक्षा माँ की है ये हमको तुमको ही अपनाना है, नमन तुम्हे करने से पहले माँ को शीश नवाना है. माँ कहती है एक बार गर प्रभु के प्रिय बन जाओगे, इस धरती पर चहुँ दिशा में बेटा नाम कमाओगे. तुमसे मिलवाया है माँ ने इसीलिए ये कहना है, नमन तुम्हे करने से पहले माँ को शीश नवाना है.                शालिनी कौशिक  http://shalinikaushik2.blogspot.com