ऐ मेरे मालिक तेरा हमपे ये करम हो गया ! तू ने अपनी जगह माँ का जो हमको साथ दिया ! तू भी जानता था की अकेले तो हम न रह पाएँगे ! इसलिए चुपके से माँ बनके हाथ थाम लिया ! जिंदगी के हर पल में उसने हमारा साथ दिया ! इसलिए जब दर्द उठा तो माँ का ही जुबाँ ने नाम लिया ! माँ ने तेरा ये काम बहुत खूबसूरती से कर दिया ! तेरी ही तरह हम सबको अपना गुलाम कर दिया ! दोनों के एहसानों को तो अलग ना हम कर पाएंगे ! इसलिए उससे लिपट कर तेरे और करीब हम आ जायेंगे !
बस एक माँ है जो मुझ से कभी ख़फ़ा नहीं होती