एक फ़िलिस्तीनी माँ का दर्द कौन समझेगा ?

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  • Saturday, February 2, 2013
  • by
  • DR. ANWER JAMAL
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  • माँ जो बच्चे की खरोंच की तकलीफ़ भी ख़ुद पर महसूस करती है
    उस माँ को फ़िलिस्तीन में अपने बच्चों को अपनी ही गोद में तड़प तड़प कर मरते हुए देखना पड़ रहा है।

    6 comments:

    Rajesh Kumari said...

    हृदय विदारक!!! माँ तो माँ है चाहे किसी की भी हो।

    Sadhana Vaid said...

    अत्यंत मार्मिक !

    रविकर said...

    अफसोसनाक-
    या रब !
    माँ को शक्ति दे |

    रज़िया "राज़" said...

    बहुत दर्दभरी तस्वीर की कहानी।

    डॉ. जेन्नी शबनम said...

    किसी भी माँ के लिए दुखद...

    सुखदरशन सेखों said...

    Bahuat hi marmik rachna......uff...

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    प्यारी माँ

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