ऐसे डालें Homework की आदत -Neelam Shukla

Posted on
  • Tuesday, September 11, 2012
  • by
  • DR. ANWER JAMAL
  • in
  • Labels:
  • छोटे बच्चों में होमवर्क की आदत डालना टेढ़ी खीर है। कई बार अभिभावक इस गुमान में रहते हैं कि समय आने पर बच्चा खुद ही होमवर्क के प्रति संजीदा हो जाएगा। उनका ऐसा सोचना सरासर गलत है क्योंकि 3-4 साल की उम्र ही वो सही समय है जब बच्चे में दिनचर्या की दूसरी चीजें सिखाने के साथ उनमें होमवर्क करने की आदत भी डाली जा सकती हैं। आजकल छोटी कक्षाओं में भी सिलेबस बहुत ज्यादा है और होमवर्क का दवाब भी इतना अधिक है कि बच्चे को पढ़ाने के लिए मां-बाप को स्वयं पढऩा पढ़ता है। ऐसे में छोटी उम्र में ही होमवर्क करने की आदत डाली जाए तो बच्चे और माता पिता दोनों के लिए सुविधाजनक होता है। बच्चों में होमवर्क की आदत कैसे डेवलप की जाए इस बारे में बता रहे हैं मनोवैज्ञानिक डा.पुल्कित शर्मा- टाइम-टेबल जरूरी बच्चे में होमवर्क कराने की शुरुआत कर रही है तो सबसे पहले एक समय निर्धारित कर लें और रोज उसी टाइम में होमवर्क करवाने बैठें। छोटे बच्चों को होमवर्क में ड्राइंग में रंग भरना या अल्पाबेट लिखने जैसे काम मिलते हैं जो इनके लिहाज से काफी मुश्किल हैं। इसलिए उनके गलती करने पर भी उनको डांटे नहींबल्कि पेशेंस के साथ समझाएं। दिन में भले ही आप पूरे समय उनके साथ न रह पाती हों, पर होमवर्क करवाते समय उनको पूरा वक्त दें वो भरपूर अटेंशन के साथ उनके साथ रहें। प्यार से समझाएं अक्सर बच्चों को लगता है कि बच्चों को ही होमवर्क करना पड़ता है जबकि बड़े कितने मजे में रहते हैं। उनको प्यार से समझाएं कि बड़े होने के बाद तो ज्यादा होमवर्क करना पड़ता है। उनको बताएं कि सिर्फ नोटबुक में कुछ लिखने या प्रोजेक्ट बना लेने को ही होमवर्क नहीं कहते। किसी भी काम को करने में लिए जो भी तैयारी करते हैं उसे होमवर्क कहते हैं। आप चाहे तो खिलाडिय़ों की घंटों की मेहनत या किसी क्रियेटिव काम जैसे कार्टून फिल्म बनाने के पीछे लगने वाली मेहनत को आसान शब्दों में समझा सकती हैं। समय पर पूरा करवाएं आजकल छोटे बच्चों को भी स्कूल काफी सारा होमवर्क दे देते हैं जिसे समय पर करवाने की जिम्मेदारी मां-बाप के की होती है। उचित यही होगा कि रात्रि को सोने से पहले ही बच्चों का होमवर्क पूरा करवा दें। इससे दो लाभ होंगे। पहला तो ये कि सुबह आप घर के कामकाज या ऑफिस की तैयारी के लिए फुर्सत में रहेंगी और दूसरा ये कि बच्चे भी तनावमुक्त हो कर नींद लेंगे और आप भी। फ्रेंड्स हों साथ अगर आपका बच्चेा  आपकी तमाम कोशिशों के बाद भी होमवर्क में रुचि न ले रहा हो तो होमवर्क को फन में तब्दील करने के लिए आसपास रहने वाले उसके हमउम्र दोस्तों को अपने घर बुला लें और उनको आपके घर पर ही अपनी पढ़ाई करने को कहें। आपका बच्चा बाकी हमउम्र बच्चों को पढ़ाई करता देखेगा तो खुद भी पढऩे लगेगा। छोटे बच्चों के साथ होमवर्क करते समय साथ रहें। हालीडे में होमवर्क अगर हॉलिडे होमवर्क मिला है तो बच्चे को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर होमवर्क करवाएं। होमवर्क को पूरी छुट्टियों के दौरान बांट दें कि रोजाना कितना-कितना करना है, वरना बच्चे को समझ नहीं आता कि कितना होमवर्क हो गया और कितना रह गया। कभी भी बच्चे का होमवर्क खुद न करें। इससे बच्चा आलसी हो जाएगा और अपने काम की अहमियत कभी नहीं समझेगा। ध्यान रखें कि छुट्टियां खत्म होने से कुछ दिन पहले होमवर्क जरूर खत्म हो जाए। हेल्दी हो फूड हेल्दी फूड खाने से उनका दिमाग विकसित होगा और पढऩे व होमवर्क करने की स्टेमिना बढ़ेगी। बच्चे में खाने की अच्छी आदत विकसित करना चाहती हैं तो उनमें खाने की नकल करने की प्रवृत्ति डालें। होमवर्क से पहले कुछ भी हैवी खाने को न दें वरना होमवर्क करते समय बच्चे को झपकी आ सकती है।
    Source : http://www.aparajita.org/read_more.php?id=56&position=2

    2 comments:

    dheerendra said...

    उपयोगी टिप्पस देने के लिये आभार,,,,,

    RECENT POST - मेरे सपनो का भारत

    Dr. Ayaz Ahmad said...

    badhiya tips.

    There was an error in this gadget

    Followers

    प्यारी माँ

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    • जीवन की जंग - जीतनी तो थी जीवन की जंग तैयारियाँ भी बहुत की थीं इसके लिए कितनी तलवारें भांजीं कितने हथियारों पर सान चढ़ाई कितने तीर पैने किये कितने चाकुओं पर धार लगाई ...
    • संताप से भरे पुत्र का पत्र - कल एक पुत्र का संताप से भरा पत्र पढ़ने को मिला। उसके साथ ऐसी भयंकर दुर्घटना हुई थी जिसका संताप उसे आजीवन भुगतना ही होगा। पिता आपने शहर में अकेले रहते थे, ...
    • कानून पर कामुकता हावी - [image: Navodayatimes] १६ दिसंबर २०१२ ,दामिनी गैंगरेप कांड ने हिला दिया था सियासत और समाज को ,चारो तरफ चीत्कार मची थी एक युवती के साथ हुई दरिंदगी को लेकर ,आ...
    • ब्रह्म वाक्य - दुःख दर्द आंसू आहें पुकार सब गए बेकार न खुदी बुलंद हुई न खुदा ही मिला ज़िन्दगी को न कोई सिला मिला यहाँ रब एक सम्मोहन है और ज़िन्दगी एक पिंजर और तू म...
    • बस यूँ ही ~ 2 - *मैं जिंदा तो हूँ , जिंदगी नहीं है मुझमें * *फक़त साँस चल रही है ज़िस्म फ़ना होने तक !!* *सु-मन *
    • हेमलासत्ता [भाग- एक] - एक छोटे से गांव खेतासर में हेमला जाट रहता था। उसके घर में दूध, पूत, धन, धान्य सभी था। सभी तरह से उसकी जिन्दगी सुखपूर्वक कट रही थी। उसकी अपनी प्रिय पत्नी से...
    • नंबर रेस का औचित्य? - 10वीं 12वीं का रिजल्ट आया. किसी भी बच्चे के 90% से कम अंक सुनने में नहीं आये. पर इतने पर भी न बच्चा संतुष्ट है न उनके माता पिता। इसके साथ ही सुनने में आया...
    • आइना - है वह आइना तेरा हर अक्स का हिसाब रखता है तू चाहे याद रखे न रखे उसमें जीवंत बना रहता है बिना उसकी अनुमति लिए जब बाहर झाँकता है चाहे कोई भी मुखौटा लगा ल...
    • माँ तुझे प्रणाम - *माँ तुझे प्रणाम* *शत शत नमन कोटि प्रणाम * *माँ तुझे प्रणाम ।* *जब मैं तेरी कोख में आई * *तूने स्पर्श से बताया था * *ममता का कोई मोल नहीं * *तूने ही सि...
    • जाने कहाँ गया वो दिन??? - "आज कुछ special बना दो, Sunday है... " ... अभी तो परसों कढ़ाही पनीर बनी थी... "सुनो, मैं अपने दोस्तों से मिल कर आ रहा हूँ, वो आज Sunday है न..." ... हाँ, द...
    • अधूरे हम... - एक युवक बगीचे में खिन्न मुद्रा में बैठा था । एक बुजुर्ग ने उस परेशान युवक से पूछा - क्या हुआ बेटा क्यूं इतने परेशान हो ? युव...
    • नया साल ! - समर घर से निकला तो पत्नी और बच्चों के लिए गिफ्ट पहले ही खरीदता हुआ होटल पहुंचा था। रात में प्रोग्राम ख़त्म करके सीधे घर भागेगा क्यो...
    • - * गज़ल * तमन्ना सर फरोशी की लिये आगे खड़ा होता मैं क़िसमत का धनी होता बतन पर गर फना होता अगर माकूल से माहौल में मैं भी पला होता मेरा जीने का मक़सद आसमां से भी ...
    • वेदों में गायन कला - *- डॉ. शरद सिंह* *गायन मानव की संवेदनाओं को जागृत करता है.आज दुनिया भर में संगीत के महत्व पर वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं . पाश्चात्य जगत के व...
    • भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?
    • उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -9) - *(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती > हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में > ...

    मन की दुनिया

    नारी का पूर्ण सशक्तिकरण

    • मेरे मन की.... - मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की" की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी...
      8 hours ago
     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.