सरकारी या प्राइवेट

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  • Sunday, July 3, 2011
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  • Prerna Argal
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                                                       सरकारी या प्राइवेट  

    
    आज एक महीने से हमारे देश में भ्रस्टाचार  के बारे में 
    एकदम जागरूकता आ गई है,/
    श्री अन्ना हजारेजी ने ये मुद्दा उठाया अनशन किया /
    फिर बाबा रामदेवजी आये उन्होंने इस मुद्दे पर
     रामलीला मैदान में बहुत बड़े पैमाने पर
     सत्याग्रह किया परन्तु सरकार ने 
    बलपूर्वक इस सत्याग्रह और अनशन को 
    समाप्त कर दिया /अरे भाई भ्रस्टाचार कोई
     bird flu या swine flu जैसी बीमारी थोड़ी है
     की आई और चली गई या vaccine लगाने से 
    थम गई /ये तो हमारे देश वासिओं के रग-रग में
     समाई हुई महाबिमारी है जो दीमक की तरह 
    हमारे देश को अंदर ही अंदर खोखला कर रही है 
    देश का पैसा कालेधन के रूप में अरबों -खरबों में 
    बाहर के देश में जमा है/जिसका हमारे देश में
     कितना सदुपयोग हो सकता  है /
    लेकिन सोचने वाली बात ये है  की हम उनसे ही 
    उसे वापस लाने के लिए मांग कर रहे हैं
     जिनका उसे वहां जमा करने में बहुत बड़ा हाँथ है/ 
    क्या वो ऐसा होने देंगे /                                  

    असल बात ये है की हमारे देश में है 
    "प्रजा-तंत्र"इसी लिए नहीं बचा अब कोई "तंत्र"/
    सरकार के नाम पर सरकारी संस्थाओं द्वारा 
    जो भी काम हो रहे हैं उसमे papers पर 
    कुछ दिखाया जाता है और होता कुछ और है /
    क्योंकि सबका हिस्सा बंटा हुआ है 
    नीचे से ऊपर तक/लाखों-करोड़ों रूपए सरकार की तरफ से 
     काम के लिए दिए जाते है/
    काम तो होता है परन्तु उसमे सस्ता materials use
     करके काम पूरा करने की खाना-पूरी होती है /
    बाकी पैसा लोगों की जेबें  भरता है/
    सरकारी विभाग सिर्फ भ्रष्टाचार को बढावा दे रहें हैं
     सरकार का कोई भी विभाग हो वहां 
    कामचोरी,मक्कारी,का बोलबाला है /
    विशेषकर तृतीय और चतुर्थ level के कर्मचारी ,
    जो आठ घंटे की नोकरी मैं मुस्किल से 
    ४ या ५ घंटे काम करते हैं /
    सरकार की तरफ से मिलनेवाली  छुट्टियों को तो लेते ही हैं
     झूठें मेडिकल certificate  बनवाकर
     महीने मैं आधे दिन office से गायब रहतें हैं /
    किसी भी सरकारी कार्यालय मैं 
    ५०%कर्मचारियों की उपस्थति रहती है /
    अगर कोई अफसर कुछ बोलता है 
    तो इनकी union उनका साथ देने के लिए
     उस अफसर के खिलाफ नारे -बाजी करने खड़ी हो जातो है /
     सरकार इनको सुविधाएँ  और salary
     तो बढा रही है पर इन पर 
    कोई अंकुश नहीं लगा रही है /
    आज सरकारी अस्पताल ,सरकारी स्कूलों का हाल
     कोंन नहीं जानता /सरकारी डाक्टर अस्पताल की
     जगह अपने private क्लिनिक में, 
    सरकारी शिक्षक स्कूलों की जगह घर में 
    tution लेने में ज्यादा ब्यस्त रहतें हैं / 
    private hospitals और public schools में
     जनता  को उनके मुहमांगी फीस ,donation,
    और बेवजह की जांचों में मजबूरी में 
    उनकी बात मानते हुए दुगना,
    तीगना पैसा खर्च करना पड़ता है/
    परन्तु उसके बाद कम से कम ये satisfaction
     तो रहता है की उनका इलाज ठीक से ,
    या उनके बच्चों का भविष्य अच्छा बनेगा /
    सरकारी विभागों के निक्कमेपन की वजह से 
    ही आज जनता private companies
     पर ज्यादा विस्वास कर रही है/ 
    आज देश की जो तरक्की हो  रही है 
    वो private companies के कारण
    /क्योंकि private companies 
    अपने कर्मचारियों को अच्छी salary
     और सुविधाएँ  तो देतें हैं /
    परंतू ऑफिस में उनके कर्मचारियों की
     उपस्थति ९५%रहती है / पूरी मेहनत,
    लगन  और समय से आकर काम करना होता है
     /उनके कर्मचारिओं को डर रहता है की 
    ठीक से काम नहीं किया या 
    ज्यादा छुट्टियाँ लीं तो salary तो cut होगी ही 
    नोकरी भी जा सकती है /
    ये  डर हमारे सरकारी कर्मचारियों को नहीं होता /
    अफसरों को तो भी 
    promotion,C.R.,और Transfer का डर रहता है
     परन्तु नीचे के lable पर कोई डर नहीं है /
    इसीलिए काफी अफसर frustrate होकर 
    सरकारी नोकरी छोडकर 
    प्राइवेट कंपनी join कर रहे हैं /
    सरकार सरकारी संस्थाओं को बंद करके
     सारे विभागों का काम private companies
     को  क्यों  नहीं  सोंप देती /
    कम से कम काम तो अच्छा होगा ही / 
    सरकारी कर्मचारिओं की salary 
    ना देने से करोंड़ों रुपयों की बचत भी होगी /
    कामचोरी नहीं होगी और भ्रस्टाचार में भी 
    काफी कमी आएगी /देश की और तरक्की होगी /
    नेता भी जिन सरकारी विभागों के नाम पर 
    सरकार से  फंड लेते हैं वो लेने की जरुरत भी नहीं पड़ेगी
     तो भ्रस्टाचार भी नहीं हो पायेगा / 
    goverment school
    








    जीवन हुआ दुश्वार ,जनता हुई बेजार 
    बंद करो बंद करो ये भ्रष्टाचार/
    
                                                                            
       

    6 comments:

    Er. सत्यम शिवम said...

    आपका स्वागत है "नयी पुरानी हलचल" पर...यहाँ आपके पोस्ट की है हलचल...जानिये आपका कौन सा पुराना या नया पोस्ट कल होगा यहाँ...........
    नयी पुरानी हलचल

    शालिनी कौशिक said...

    bahut sahi sahi kaha aapne prerna ji aabhar.

    रविकर said...

    बहुत बहुत बधाई इस प्रस्तुति के लिए ||

    रविकर said...

    मै रक्तबीज हूँ
    कभी नहीं मारूंगा,
    झाँक कर देखो
    तुम्हारे बीच फिर उग आया हूँ ,

    संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

    सार्थक लेख

    DR. ANWER JAMAL said...

    @ प्रेरणा जी, कृप्या यह ध्यान रखें कि प्यारी मां ब्लॉग पर केवल ‘मां‘ से संबंधित सामग्री ही प्रकाशित करें।
    हिंदी ब्लॉगर्स फ़ोरम इंटरनेशनल पर आप किसी भी तरह की सामग्री पेश कर सकती हैं।
    आपके लेख मुझे पसंद हैं। आप सचमुच अच्छा लिखती हैं।
    आपके ज़रिये हमें बहुत कुछ जानने को मिलेगा।

    Thanks a lot.

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