मां कहना .....

Posted on
  • Tuesday, June 7, 2011
  • by
  • सदा
  • in










  • मैंने
    अभी-अभी
    मां कहना सीखा है,
    और कोई शब्‍द मुंह से
    निकलता है न मेरी बोली
    कोई समझता है,
    सच मानो तो
    मां मेरी हमजोली है
    मेरे आंखों की भाषा को
    वह पढ़ लेती है,
    मेरे मौन को भी सुन लेती है
    मैने अभी-अभी ....।।
    मेरी भूख-प्‍यास का
    मुझसे पहले
    मां को पता चल जाता है,
    जब भी मैने
    मां की उंगली थामी है
    चलते से रूक जाती है
    मेरी ममता की मनुहार को
    आंचल में अपने छिपाती है
    माथे पे मेरे
    बुरी नज़र से बचने को
    काज़ल का टीका भी लगाती है
    मैने अभी - अभी ....।।

    7 comments:

    Manpreet Kaur said...

    एक माँ के लिए वो माँ शब्द बहुत ही मीठा लगता है जब उसका बच्चा उससे माँ कहता है !अपना महत्वपूर्ण टाइम निकाल कर मेरे ब्लॉग पर जरुर आए !
    Free Download Music + Lyrics
    Free Download Hollywwod + Bollywood Movies

    शिखा कौशिक said...

    very innocent expression .great poem .

    दिगम्बर नासवा said...

    बच्चे के मन के भाव को शब्द दिए हैं ... बहुत मासूम शब्द ....

    कुश्वंश said...

    बेहद सुन्दर अभिव्यक्ति, बेहद मासूम शब्द बधाई

    Rachana said...

    ek bachche ke bhavon ko bahut sunderta se likha hai
    saader
    rachana

    Vivek Jain said...

    सुन्दर भावाव्यक्ति।
    बधाई हो आपको - विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

    DR. ANWER JAMAL said...

    मज़ा आ गया पढ़कर।
    ऐसा लगा जैसे मैंने ख़ुद अभी अभी मां कहना सीखा हो।
    शुक्रिया !

    There was an error in this gadget

    Followers

    प्यारी माँ

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    • मैं नदी हूँ - बहती रही अथक निरंतर मैं सदियों से करती रही धरा अभिसिन्चित मैं सदियों से साधना वैद
    • क्या आदमी सच में आदमी है ? - [image: Image result for buffalo with man free images] ''आदमी '' प्रकृति की सर्वोत्कृष्ट कृति है .आदमी को इंसान भी कहते हैं , मानव भी कहते हैं ,इसी कारण आ...
    • तू इसमें रहेगा और यह तुझ में रहेगा - प्रेम में डूबे जोड़े हम सब की नजरों से गुजरे हैं, एक दूजे में खोये, किसी भी आहट से अनजान और किसी की दखल से बेहद दुखी। मुझे लगने लगा है कि मैं भी ऐसी ही प्र...
    • वह जीने लगी है... - अब नहीं होती उसकी आँखे नम जब मिलते हैं अपने अब नहीं भीगतीं उसकी पलके देखकर टूटते सपने। अब नहीं छूटती उसकी रुलाई किसी के उल्हानो से अब नहीं मरती उसकी भूख कि...
    • प्राकृतिक अभियंता - तिनके चुन चुन घरोंदा बनाया आने जाने के लिए एक द्वार लगाया मनोयोग से घर को सजाया दरवाजे पर खड़े खड़े अपना घर निहार रही देख दस्तकारी अपनी फूली नहीं सम...
    • ये है सरकारी होली :) - सरकार आपको होली तक फ्री राइड करवाएगी फिर वो बस हो ऑटो टैक्सी या फिर मेट्रो क्योंकि यदि नोट लेकर निकले और किसी ने रंग भरा गुब्बारा मार दिया तो आपकी तो बल्ले...
    • तुम और मैं -८ - *.....तुम !* *स्याह लफ्ज़ों में लिपटे ख़यालात हो* *और मैं...* *उन ख़यालों की ताबीर |* *एक एहसास की नज़्म* *आज भी ...* *जिन्दा है तुम्हारे मेरे बीच !!* *सु-म...
    • जाने कहाँ गया वो दिन??? - "आज कुछ special बना दो, Sunday है... " ... अभी तो परसों कढ़ाही पनीर बनी थी... "सुनो, मैं अपने दोस्तों से मिल कर आ रहा हूँ, वो आज Sunday है न..." ... हाँ, द...
    • अधूरे हम... - एक युवक बगीचे में खिन्न मुद्रा में बैठा था । एक बुजुर्ग ने उस परेशान युवक से पूछा - क्या हुआ बेटा क्यूं इतने परेशान हो ? युव...
    • टी-पाट - *टी-पाट* *कहानी-पूनम श्रीवास्तव * *छनाक की तेज आवाज हुयी और उज्ज्वला कुछ लिखते लिखते चौंक पड़ी।फिर बोली क्या हुआ?क्या टूटा ?अ...
    • नया साल ! - समर घर से निकला तो पत्नी और बच्चों के लिए गिफ्ट पहले ही खरीदता हुआ होटल पहुंचा था। रात में प्रोग्राम ख़त्म करके सीधे घर भागेगा क्यो...
    • - * गज़ल * तमन्ना सर फरोशी की लिये आगे खड़ा होता मैं क़िसमत का धनी होता बतन पर गर फना होता अगर माकूल से माहौल में मैं भी पला होता मेरा जीने का मक़सद आसमां से भी ...
    • वेदों में गायन कला - *- डॉ. शरद सिंह* *गायन मानव की संवेदनाओं को जागृत करता है.आज दुनिया भर में संगीत के महत्व पर वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं . पाश्चात्य जगत के व...
    • भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?
    • उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -9) - *(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती > हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में > ...

    मन की दुनिया

    नारी का पूर्ण सशक्तिकरण

     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.