;हम सबकी माएं.

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  • Friday, June 3, 2011
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  • shikha kaushik
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  • ये ऐसा बंधन है कभी टूट नहीं सकता ,
    ये ऐसी दौलत है कोई लूट नहीं सकता ,
    जीवन भर देती हम सबको दुआएं 
    हम सब की माएं ;हम सबकी माएं.


    वो अपना निवाला बच्चे  को दे देती ,
    बदले में बच्चे  से भला माँ है क्या लेती ?
    अपने पर ले लेती वो सारी बलाएँ ,
    हम सबकी माएं,हम सब की माएं 

    जो भटके कभी हम वो राह दिखाती,
    जीने का सलीका माँ ही तो सिखाती 
    ममता के मोती बच्चों पे लुटाएं ,
    हम सबकी माएं.हम सबकी माएं .

    जो गोद में लेकर रोते को हँसाती;
    जो ऊँगली पकड़कर चलना है सिखाती ,
    जो खुद जगती रहकर बच्चे को सुलाएं 
    हम सब की माएं ,हम सबकी माएं .  
                                                          शिखा कौशिक 

    9 comments:

    शालिनी कौशिक said...

    shikha ji aapne kam shabdon me hi bahut badi bat kah dee hai.aapki kalam vakai poojniy hai jo itni khoobsoorti se maa kee mahima ka varnan karti hai.
    aapki aawaz me ise sunna bahut achchha laga.aabhar.

    कुश्वंश said...

    संवेदनशील रचना , निःशब्द करती हुयी बधाई

    Er. सत्यम शिवम said...

    आपकी उम्दा प्रस्तुति कल शनिवार (04.06.2011) को "चर्चा मंच" पर प्रस्तुत की गयी है।आप आये और आकर अपने विचारों से हमे अवगत कराये......"ॐ साई राम" at http://charchamanch.blogspot.com/
    चर्चाकार:-Er. सत्यम शिवम (शनिवासरीय चर्चा)
    स्पेशल काव्यमयी चर्चाः-“चाहत” (आरती झा)

    Udan Tashtari said...

    बहुत भावपूर्ण.

    DR. ANWER JAMAL said...

    आपने सचमुच बहुत अच्छी रचना पेश की है । मालिक आपको नेकीयों में और आगे बढ़ाए ।
    आमीन ।

    कृप्या सभी सम्मानित लेखिकाएँ अपना लेख पब्लिश करने के बाद हमारी वाणी के लोगो पर भी क्लिक कर दिया करें ताकि उनकी पोस्ट हमारी पर आ झाए । यह ख़ुद से नहीं लेता ।

    Kailash C Sharma said...

    माँ तो ममता की मूर्ति होती है...बहुत सुन्दर संवेदनशील प्रस्तुति..

    Sunil Kumar said...

    संवेदनशील रचना, बधाई....

    JHAROKHA said...

    shikha ji
    bahut hi nayab v ishwar ka duya hua hame ek hassen ,khoobsurat tohfa hai maa. maa shabd hi aisa hai jiske aage har shabd nagany ho jaaye
    is beintaha rachna ke liye shayad mere paas shabd nahi hai ----
    maa---to bas hai maa
    dili bdhai swikaren---
    poonam

    Rachana said...

    sahi kaha ae aesa hi bandhan hai
    maa hum sab ki ma
    bahut khoob
    rachana

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