माँ की ममता .....

Posted on
  • Wednesday, April 20, 2011
  • by
  • PRIYANKA RATHORE
  • in






  • "कैसी होती है माँ की ममता "
    प्रश्न है बड़ा कठिन
    मगर जबाब की लालसा होती है .....

    भुला के प्रसव की पीड़ा को
    जब आँचल में समेटती है
    वह नवजात शिशु को
    एक हाथ में थामें शिशु को
    दूजे हाथ से वह संभाले तन को
    उस पल का कोई मोल नहीं
    हाँ -
    ऐसी होती है माँ की ममता
    जिसका कोई तोल नहीं ......

    बूढी हड्डियों में है ना दम
    हाथ पैरों में है अब कम्पन
    फिर भी हर दिन हर पल
    नातिन को लिए गोद में
    अस्पतालों के चक्कर लगाती है
    कोई बोले यहाँ दिखा दो
    कोई बोले वहाँ दिखा दो
    भरे दिल में उम्मीद की आस
    यूँही जीवन जीती जाती है ....
    उस पल का कोई मोल नहीं
    हाँ -
    ऐसी होती है माँ की ममता
    जिसका कोई तोल नहीं .......

    जब नहीं होती है माँ पास में
    मौसी ही माँ बन जाती है
    दिल से निकली हर आह पर
    सीना उसका छलनी होता है
    तोड़ दुनिया के नियम कानून सब
    वही ढाल बन जाती है
    नहीं होती तब परवाह स्वयं की
    हर आंसू का हिसाब वो  पूरा चुकवाती है .....
    उस पल का कोई मोल नहीं
    हाँ -
    ऐसी होती है माँ की ममता
    जिसका कोई तोल नहीं ......

    जब कभी बचपन में
    भूख की आग सताती है
    पास नहीं जब होता कोई
    बुआ ही हाथ अपना बढ़ाती है
    चम्मच में भर  चीनी मलाई
    प्यार से खुद ही खिलाती है ....
    उस पल का कोई मोल नहीं
    हाँ -
    ऐसी होती है माँ की ममता
    जिसका  कोई तोल नहीं ......

    जब कभी कमजोर पलों में
    भाई बहन संग होती है नोकझोक
    कौन है स्वयं की बेटी
    कौन है ननद की बेटी
    बिना यह महसूस किये
    मामी ही सर पर हाथ फिराती है
    छोड़ खुद की भोजन - थाली
    गोद उठा कर दुनिया नयी दिखाती है ....
    उस पल का कोई मोल नहीं
    हाँ -
    ऐसी होती है माँ की ममता
    जिसका कोई तोल नहीं ......

    बहुत कठिन है समझना इसको -
    जननी की महानता तो है जग जाहिर
    पर पालनकर्ता छिपी हुयी पर्दों में
    नहीं नजर आ पाती है ...
    दूजे की संतान को
    समर्पित भाव से अपना तन - मन देना
    यही है सच्ची माँ की ममता
    जिसका कोई मोल नहीं
    जिसका कोई तोल नहीं .......!!!!!!!





    प्रियंका राठौर



    5 comments:

    DR. ANWER JAMAL said...

    हाँ -
    ऐसी होती है माँ की ममता
    जिसका कोई तोल नहीं ....

    सदा said...

    माँ की ममता
    जिसका कोई तोल नहीं ......

    बिल्‍कुल सच कहा है आपने ... मां की ममता ऐसी ही होती है ।

    Sadhana Vaid said...

    बहुत सुन्दर रचना ! जन्म देने वाली माँ की महत्ता से जुड़ी तो तमाम रचनाएं पढ़ते आ रहे हैं ! आपने जिस संवेदनशीलता के साथ माँ जैसे ही वात्सल्य एवं ममता से भरे अन्य रिश्तों की महत्ता को भी स्वीकारा है उसने मन को बहुत सुख और आनंद दिया है ! इतनी खूबसूरत रचना लिखने के लिये और इतना उदार और खूबसूरत हृदय पाने के लिये बहुत बहुत बधाई एवं शुभकामनायें !

    Patali-The-Village said...

    माँ तो बस माँ ही है| माँ की जगह दुनियां में कोई नहीं ले सकता है| धन्यवाद|

    ***Punam*** said...

    माँ बस माँ होती है...

    कुछ भी लिखा जाए..

    कितना भी लिखा जाए..

    उसका बयां शब्दों में करना नामुमकिन नहीं

    असंभव है..

    There was an error in this gadget

    Followers

    प्यारी माँ

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    • नई फ्रॉक - ‘अम्मी चल ना बाहर ! देख कितनी सुन्दर, चमकीली, सोने चाँदी के तारों से कढ़ी फराकें ले के आया है फेरी वाला ! मुझे भी दिला दे न एक ! मामू की शादी में मैं भी...
    • मीरा कुमार जी को हटाया क्यों नहीं सुषमा जी ? - [image: Image result for sushma swaraj with meira kumar in laughing mood image] विपक्षी दलों ने जब से भाजपा के राष्ट्रपति पद के दलित उम्मीदवार श्री रामनाथ ...
    • हेमलासत्ता (भाग-2) - नाई की बात सुनकर खेतासर के लोग बोले- हेमला से हम हार गए, वह तो एक के बाद एक को मारे जा रहा है, बड़े गांव में भी हम लोगों को चैन से नहीं रहने दे रहा है। हम क...
    • संताप से भरे पुत्र का पत्र - कल एक पुत्र का संताप से भरा पत्र पढ़ने को मिला। उसके साथ ऐसी भयंकर दुर्घटना हुई थी जिसका संताप उसे आजीवन भुगतना ही होगा। पिता आपने शहर में अकेले रहते थे, ...
    • ब्रह्म वाक्य - दुःख दर्द आंसू आहें पुकार सब गए बेकार न खुदी बुलंद हुई न खुदा ही मिला ज़िन्दगी को न कोई सिला मिला यहाँ रब एक सम्मोहन है और ज़िन्दगी एक पिंजर और तू म...
    • बस यूँ ही ~ 2 - *मैं जिंदा तो हूँ , जिंदगी नहीं है मुझमें * *फक़त साँस चल रही है ज़िस्म फ़ना होने तक !!* *सु-मन *
    • नंबर रेस का औचित्य? - 10वीं 12वीं का रिजल्ट आया. किसी भी बच्चे के 90% से कम अंक सुनने में नहीं आये. पर इतने पर भी न बच्चा संतुष्ट है न उनके माता पिता। इसके साथ ही सुनने में आया...
    • आइना - है वह आइना तेरा हर अक्स का हिसाब रखता है तू चाहे याद रखे न रखे उसमें जीवंत बना रहता है बिना उसकी अनुमति लिए जब बाहर झाँकता है चाहे कोई भी मुखौटा लगा ल...
    • माँ तुझे प्रणाम - *माँ तुझे प्रणाम* *शत शत नमन कोटि प्रणाम * *माँ तुझे प्रणाम ।* *जब मैं तेरी कोख में आई * *तूने स्पर्श से बताया था * *ममता का कोई मोल नहीं * *तूने ही सि...
    • जाने कहाँ गया वो दिन??? - "आज कुछ special बना दो, Sunday है... " ... अभी तो परसों कढ़ाही पनीर बनी थी... "सुनो, मैं अपने दोस्तों से मिल कर आ रहा हूँ, वो आज Sunday है न..." ... हाँ, द...
    • अधूरे हम... - एक युवक बगीचे में खिन्न मुद्रा में बैठा था । एक बुजुर्ग ने उस परेशान युवक से पूछा - क्या हुआ बेटा क्यूं इतने परेशान हो ? युव...
    • नया साल ! - समर घर से निकला तो पत्नी और बच्चों के लिए गिफ्ट पहले ही खरीदता हुआ होटल पहुंचा था। रात में प्रोग्राम ख़त्म करके सीधे घर भागेगा क्यो...
    • - * गज़ल * तमन्ना सर फरोशी की लिये आगे खड़ा होता मैं क़िसमत का धनी होता बतन पर गर फना होता अगर माकूल से माहौल में मैं भी पला होता मेरा जीने का मक़सद आसमां से भी ...
    • वेदों में गायन कला - *- डॉ. शरद सिंह* *गायन मानव की संवेदनाओं को जागृत करता है.आज दुनिया भर में संगीत के महत्व पर वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं . पाश्चात्य जगत के व...
    • भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?
    • उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -9) - *(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती > हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में > ...

    मन की दुनिया

    नारी का पूर्ण सशक्तिकरण

    • मेरे मन की.... - मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की" की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी...
      4 days ago
     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.