यादे ! यादे !! यादे !!!

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  • Wednesday, March 30, 2011
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  • दर्शन कौर धनोय
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  •   

    तेरा चेहरा मुझको याद नही पर, 
    तेरी गोद मुझे याद है माँ !
    तेरा प्यार याद नही रहा पर ,
    उसका एहसास मुझे याद है माँ !
    तेरे दुध से जीवन दान मिला ,
    पर उस दूध की खुशबु याद नही माँ !
    मेरे दिल पर तेरा हक़ है पर ,
    मेरे शरीर को तेरा साथ नही माँ !
    जब पैदा हुई तो तेरा आगोश था ,
    पर अब जीवन में वह आस नही माँ !
    तुझसे मिलना न मुमकिन है पर ,
    तेरी याद पर मेरा अख्तियार नही माँ !
    जब चाहां निगाहें झुका कर देख ली ,
    मेरे दिल में इक तस्वीर है माँ ! 
    तुम बिन ये घर सूना है ,
    सुने घर में एक भी चिराग नही माँ !
    तेरी बगिया में इक फूल खिला था ,
    आज उस पर वीरानी -सी छाई है माँ !
    तस्वीर में ज़िंदा है तू मेरे लिए,
    तक़दीर को क्या समझाऊ मैं  माँ !
    हर शे में तुझको ढूंढा मैंने ,
    इस भीड़ में केसे पहचानू मैं  माँ ! 
    इस कंक्रीट के जंगल में धायल ,
    कब से दोड़ रही हूँ  मैं  माँ ! 
    लहू लुहान कब तक मैं  दोडू ,
    बस ,एक सहारा मिल जाता माँ !
    तेरे ममता का आंचल मिल जाता माँ !
    तेरे प्यार का सागर मिल जाता माँ !
    इस किश्ती को साहिल मिल जाता माँ !



    14 comments:

    सदा said...

    तुझसे मिलना न मुमकिन है पर ,
    तेरी याद पर मेरा अख्तियार नही माँ !

    बहुत ही गहरे उतरते शब्‍द ...भावपूर्ण प्रस्‍तुति ।

    POOJA... said...

    bahut sundar... mai bhi koshish karti hu likhne ki par na jane kyo sirf sochti rah jati hu MAA k baare me...

    Hema Nimbekar said...

    bahut sunder rachna...

    रश्मि प्रभा... said...

    तेरे प्यार का सागर मिल जाता माँ !
    इस किश्ती को साहिल मिल जाता माँ !
    isse badhker kuch nahi maa

    DR. ANWER JAMAL said...

    माँ की दुआ ने हाथ पकड़कर मुझको रस्ता दिखलाया है
    जीवन के इस लम्बे सफ़र में जब भी कभी दुश्वारी आई

    दिल से निकली हुई एक आवाज़ जो दिल को तडपाती है.

    HAKEEM YUNUS KHAN said...

    तेरे प्यार का सागर मिल जाता माँ !
    इस किश्ती को साहिल मिल जाता माँ !

    nice post.

    http://pyarimaan.blogspot.com/2011/03/blog-post_28.html

    वन्दना said...

    आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
    प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
    कल (31-3-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
    देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
    अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

    http://charchamanch.blogspot.com/

    तरुण भारतीय said...

    माँ की उपमा माँ ही .. माँ हम सबकी प्यारी ..
    आपकी पोस्ट ने दिल को छु लिया ..धन्यवाद

    एस.एम.मासूम said...

    तेरे प्यार का सागर मिल जाता माँ !
    इस किश्ती को साहिल मिल जाता माँ !

    कुश्वंश said...

    तुझसे मिलना न मुमकिन है पर ,
    तेरी याद पर मेरा अख्तियार नही माँ

    भावपूर्ण प्रस्‍तुति

    दर्शन कौर धनोए said...

    Sabko dhanywad !
    'mere armaan mere sapane ' par bhi aapka svaagat haae .

    संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

    माँ की यादों को खूबसूरत शब्द दिए हैं

    JHAROKHA said...

    sada ji
    bahut hi mna ki ko andar tak bhigo gai aapki prastuti ..
    sach hai maa jab kho jaati hai ti yski jagah koi bhar hi nahi sakat hai.bas maaki yaaden hi jeene ka sambal deti hai .main bhi is dard se hamesha hi gujarti rahti hun .bas yaad me akele me ro leti hun.
    इस कंक्रीट के जंगल में धायल ,
    कब से दोड़ रही हूँ मैं माँ !
    लहू लुहान कब तक मैं दोडू ,
    बस ,एक सहारा मिल जाता माँ !
    तेरे ममता का आंचल मिल जाता माँ !
    तेरे प्यार का सागर मिल जाता माँ !
    इस किश्ती को साहिल मिल जाता माँ
    bahut hi gahre utar jaane wali prastuti
    badhai
    poonam

    सारा सच said...

    मेरी लड़ाई Corruption के खिलाफ है आपके साथ के बिना अधूरी है आप सभी मेरे ब्लॉग को follow करके और follow कराके मेरी मिम्मत बढ़ाये, और मेरा साथ दे ..

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