चार बच्चों की मां ने प्रेमी संग मिलकर पति को जिंदा जलाया

Posted on
  • Tuesday, March 22, 2011
  • by
  • HAKEEM YUNUS KHAN
  • in
  • Labels:
  • चार बच्चों की मां फुलको देवी ने अपने पति चंदर भुईयां को घर के अंदर ही जिंदा जला दिया। यह घटना होलिका दहन की रात शनिवार की है। इस मामले में पुलिस ने मृतक के पुत्र के बयान के आधार पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। इधर घटना के 24 घंटे बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर आग से झुलसे चंदर भुइयां के शव को अपने कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सोमवार को चतरा भेजा दिया है। पुलिस के अनुसार घटना के पीछे प्रेम-प्रसंग का मामला है।
    जगन भुईयां का पुत्र चंदर भुईयां टंडवा थाना क्षेत्र के खधैया गांव का रहनेवाला था। फुलको देवी ने 19 मार्च की रात होलिका दहन से पूर्व अपने ही घर में चंदर को बंद कर पहले उसके साथ मारपीट की और बाद में अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसे जिंदा जला दिया। अपने पति को जलाने में उसने केरोसिन तेल का प्रयोग किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लाश के हाथ-पांव बंधे थे।
    घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी रामयश प्रसाद ने घटनास्थल पर पहुंच कर पूरे मामले का जायजा लिया और तत्काल उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। घटना के वक्त मृतक के माता-पिता रामगढ़ जिले के तोरपा में थे। आरोपी महिला चौकीदार बिरल भुईयां की पुत्री है। प्रेमी के नाम का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
    साभार 

    3 comments:

    दर्शन कौर धनोए said...

    छि ! धिक्कार है ऐसी नारी पर ! नारी के नाम पर कलंक !

    DR. ANWER JAMAL said...

    वाक़ई धिक्कार है ऐसी औरत पर जो माँ होने का हक़ अदा न कर सकी . उसने एक औरत और एक माँ दोनों ही पाक नामों पर कलंक लगाया है.
    अपने बच्चों के बाप को उसने मार डाला और खुद वह जेल में रहेगी . इस बेरहम समाज में उसके चार बच्चों का जीना बड़ा मुश्किल हो जायेगा .
    लेकिन इसी के साथ हमें यह भी सोचना चाहिए कि प्रेमी के साथ मिलकर पति को मारने की घटनाएँ हमारे समाज में आम क्यों हैं ?
    अवैध संबंधों की भरमार क्यों है ?
    अगर एक औरत अपने पति से किसी वजह से संतुष्ट नहीं है तो उसे हमारा समाज आजीवन उसके साथ रहने के लिए क्यों मजबूर करता है ?
    ऐसे लावारिस बच्चों के लिए हमारे पास मुनासिब बंदोबस्त क्यों नहीं हैं जो कि हालात के सताए हुए हैं ?
    अगर हम चाहते हैं कि ऐसी घटनाएँ हमारे समाज में न हुआ करें तो हमें उन वजहों पर भी ध्यान देना चाहिए जिनकी वजह से ऐसी घटनाएँ होती रहती हैं.

    SR Bharti said...

    Ghatna ka marmik lekhan
    Harday drvit ho gaya.

    There was an error in this gadget

    Followers

    प्यारी माँ

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    • नई फ्रॉक - ‘अम्मी चल ना बाहर ! देख कितनी सुन्दर, चमकीली, सोने चाँदी के तारों से कढ़ी फराकें ले के आया है फेरी वाला ! मुझे भी दिला दे न एक ! मामू की शादी में मैं भी...
    • मीरा कुमार जी को हटाया क्यों नहीं सुषमा जी ? - [image: Image result for sushma swaraj with meira kumar in laughing mood image] विपक्षी दलों ने जब से भाजपा के राष्ट्रपति पद के दलित उम्मीदवार श्री रामनाथ ...
    • हेमलासत्ता (भाग-2) - नाई की बात सुनकर खेतासर के लोग बोले- हेमला से हम हार गए, वह तो एक के बाद एक को मारे जा रहा है, बड़े गांव में भी हम लोगों को चैन से नहीं रहने दे रहा है। हम क...
    • संताप से भरे पुत्र का पत्र - कल एक पुत्र का संताप से भरा पत्र पढ़ने को मिला। उसके साथ ऐसी भयंकर दुर्घटना हुई थी जिसका संताप उसे आजीवन भुगतना ही होगा। पिता आपने शहर में अकेले रहते थे, ...
    • ब्रह्म वाक्य - दुःख दर्द आंसू आहें पुकार सब गए बेकार न खुदी बुलंद हुई न खुदा ही मिला ज़िन्दगी को न कोई सिला मिला यहाँ रब एक सम्मोहन है और ज़िन्दगी एक पिंजर और तू म...
    • बस यूँ ही ~ 2 - *मैं जिंदा तो हूँ , जिंदगी नहीं है मुझमें * *फक़त साँस चल रही है ज़िस्म फ़ना होने तक !!* *सु-मन *
    • नंबर रेस का औचित्य? - 10वीं 12वीं का रिजल्ट आया. किसी भी बच्चे के 90% से कम अंक सुनने में नहीं आये. पर इतने पर भी न बच्चा संतुष्ट है न उनके माता पिता। इसके साथ ही सुनने में आया...
    • आइना - है वह आइना तेरा हर अक्स का हिसाब रखता है तू चाहे याद रखे न रखे उसमें जीवंत बना रहता है बिना उसकी अनुमति लिए जब बाहर झाँकता है चाहे कोई भी मुखौटा लगा ल...
    • माँ तुझे प्रणाम - *माँ तुझे प्रणाम* *शत शत नमन कोटि प्रणाम * *माँ तुझे प्रणाम ।* *जब मैं तेरी कोख में आई * *तूने स्पर्श से बताया था * *ममता का कोई मोल नहीं * *तूने ही सि...
    • जाने कहाँ गया वो दिन??? - "आज कुछ special बना दो, Sunday है... " ... अभी तो परसों कढ़ाही पनीर बनी थी... "सुनो, मैं अपने दोस्तों से मिल कर आ रहा हूँ, वो आज Sunday है न..." ... हाँ, द...
    • अधूरे हम... - एक युवक बगीचे में खिन्न मुद्रा में बैठा था । एक बुजुर्ग ने उस परेशान युवक से पूछा - क्या हुआ बेटा क्यूं इतने परेशान हो ? युव...
    • नया साल ! - समर घर से निकला तो पत्नी और बच्चों के लिए गिफ्ट पहले ही खरीदता हुआ होटल पहुंचा था। रात में प्रोग्राम ख़त्म करके सीधे घर भागेगा क्यो...
    • - * गज़ल * तमन्ना सर फरोशी की लिये आगे खड़ा होता मैं क़िसमत का धनी होता बतन पर गर फना होता अगर माकूल से माहौल में मैं भी पला होता मेरा जीने का मक़सद आसमां से भी ...
    • वेदों में गायन कला - *- डॉ. शरद सिंह* *गायन मानव की संवेदनाओं को जागृत करता है.आज दुनिया भर में संगीत के महत्व पर वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं . पाश्चात्य जगत के व...
    • भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?
    • उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -9) - *(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती > हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में > ...

    मन की दुनिया

    नारी का पूर्ण सशक्तिकरण

    • मेरे मन की.... - मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की" की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी...
      5 days ago
     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.