बातचीत

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  • Saturday, February 12, 2011
  • by
  • रश्मि प्रभा...
  • in

  • 'माँ...हमारा घर कहाँ है'
    ................
    'मेरी गोद तुम्हारी धरती
    मेरी बाहों का घेरा कमरा
    मेरी आँखें खिड़कियाँ
    मेरी दुआएं आकाश ...'

    'माँ माँ
    ये घर हमेशा होगा न ...'

    'हमेशा रहता तो है
    पर- अदृश्य सा
    कभी कभी हो जाता है
    तब इन दीवारों का सामर्थ्य ले
    एक एक घर तुम बनाना ...'

    'माँ , हम कैसे बनायेंगे
    हमें तो वही रंग अच्छे लगते हैं
    जो तुम लाती हो
    हमें तो पता ही नहीं और कुछ ...'

    'मुझे कहाँ पता था !
    मुझे इन रंगों की भाषा मेरी माँ ने सिखाया
    ... यही तो क्रम है ............
    वरना
    सच पूछो तो रंग सात हैं
    आठवां रंग - प्यार का
    उनको अदभुत बनाता है
    बिना आठवें रंग के सारे रंग बदरंग हैं
    दीवारों पे ठहरते नहीं....'

    ' माँ
    हम तो इससे अलग होंगे ही नहीं
    क्योंकि हमें पता है -
    ये आठवां रंग तुम हो...
    विश्वास रखो माँ
    हम भी आठवां रंग बनेंगे
    बिल्कुल तुम्हारी तरह !'


    14 comments:

    वन्दना said...

    वाह रश्मि जी बहुत सुन्दर रंग दिया है।
    रश्मि जी जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनायें।

    यशवन्त माथुर said...

    बहुत ही प्यारी कविता.

    आदरणीया रश्मी जी को जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    सादर

    DR. ANWER JAMAL said...

    शक है जिन्हें भी दोस्तो हक़ की ज़ात में
    माँ की नज़ीर ला न सके कायनात में

    हक़ = सत्य , ईश्वर
    ज़ात = अस्तित्व
    नज़ीर = मिसाल

    आदरणीया रश्मी जी को जन्म दिन की हार्दिक
    शुभ कामनाएं.

    Nice post.
    Please see and follow
    http://pyarimaan.blogspot.com

    DR. ANWER JAMAL said...

    आदरणीया रश्मी जी को जन्म दिन की हार्दिक
    शुभ कामनाएं.
    देखें तीन पोस्ट्स-
    आदरणीया रश्मी जी को जन्म दिन की हार्दिक शुभ कामनाएं.

    माँ की नज़ीर ला न सके कायनात में Pyari maa

    शक है जिन्हें भी दोस्तो हक़ की ज़ात में माँ की नज़ीर ला न सके कायनात में


    इसी ब्लॉग में दिए गए लिंक्स में भी यह तीनों पोस्ट्स चमक रही हैं.

    दर्शन कौर धनोए said...

    रश्मि जी जन्म दिन मुबारक हो --इस मुबारक दिन पर आपने क्या सुंदर आठंवा रंग दिखाया हे --धन्यवाद |

    रश्मि प्रभा... said...

    शुक्रिया

    संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

    सच पूछो तो रंग सात हैं
    आठवां रंग - प्यार का
    उनको अदभुत बनाता है
    बिना आठवें रंग के सारे रंग बदरंग हैं
    दीवारों पे ठहरते नहीं....'

    बहुत खूबसूरत पंक्तियाँ ....जन्मदिन की बधाई

    रेखा श्रीवास्तव said...

    bahut sundar likha hai, maan hi vo saya hai jise ghar kahen ya chhatrachhaya jeevan bhar mile to saubhagya.

    janma din ki agrim shubhkamanayen.

    वाणी गीत said...

    बस एक माँ जो मुझसे खफा नहीं होती ...
    बहुत प्यारी रचना ...

    जन्मदिन की बहुत शुभकामनाये !

    एस.एम.मासूम said...

    सबसे पहले अनवर जमाल साहब का शुक्रिया रश्मि प्रभा जैसी बेहतरीन लेखिका को यहाँ प्यारी माँ पे लाने का. रश्मि प्रभा जी को जन्म दिन की बहुत बहुत बधाई

    रश्मि प्रभा... said...

    शुक्रिया

    जेन्नी शबनम said...

    bahut pyaari kavita, janmdin ki badhai rashmi ji.

    Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

    आठवां रंग सबसे प्यारा रंग है ... बहुत सुन्दर !

    सदा said...

    'माँ , हम कैसे बनायेंगे
    हमें तो वही रंग अच्छे लगते हैं
    जो तुम लाती हो
    हमें तो पता ही नहीं और कुछ ...'

    इन नाजुक ख्‍यालों के साथ मां की लेखनी ने सच में इसमें आठवां रंग बिखेर दिया है ...बहुत-बहुत बधाई के साथ आभार इस बेहतरीन प्रस्‍तुति के लिये ।

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