औरत की काया को ताउम्र सुंदर, सुडौल व स्वस्थ बनाए रखने के लिये सुंदर आयुर्वेदिक नुस्खा Sudol

Posted on
  • Tuesday, September 18, 2012
  • by
  • DR. ANWER JAMAL
  • in
  • Labels: ,

  • मातृशक्ति के शरीर को ताउम्र सुंदर, सुडौल व स्वस्थ बनाए रखने के लिये सुंदर आयुर्वेदिक नुस्खा :-
    महिलाएँ प्रायः स्वभाव से ही भावुक होती हैं. ममता, प्यार, दया और सेवाभाव, ये सभी गुण उनमें जन्म से ही होते हैं. यही वे गुण हैं जिनके कारण 'मातृशक्ति' शादी के बंधन में बंधने के बाद पराए घर को भी अपनाकर स्वयं को दिन-रात उस परिवार की सेवा में लगा देती है. ऐसे में अधिकतर महिलाएँ अपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाती हैं. ध्यान नहीं देने के कारण वे कई बार अपनी बीमारियों को छिपाए रखती हैं. इस तरह अंदर ही अंदर वे कमजोर होती जाती हैं. श्वेत-प्रदर, रक्त प्रदर, मासिक धर्म की अनियमितता, कमजोरी, सिरदर्द, कमरदर्द आदि ये सभी बीमारियाँ शरीर को स्वस्थ और सुडौल नहीं रहने देती हैं.
    इसलिए हम आपको ''स्वर्ण मालिनी'' वसंत नामक एक ऐसा आयुर्वेदिक नुस्खा बताने जा रहे हैं जो महिलाओं की हर तरह की कमजोरी को दूर करता है.
    (अ) ''स्वर्ण मालिनी'' वसंत बनाने हेतु आवश्यक आयुर्वेदिक सामग्री :- 
    १/ स्वर्ण भस्म या वर्क = 10 ग्राम
    २/ मोती पिष्टी = 20 ग्राम
    ३/ शुद्ध हिंगुल = 30 ग्राम
    ४/ सफेद मिर्च = 40 ग्राम
    ५/ शुद्ध खर्पर = 80 ग्राम
    ६/ गाय के दूध का मक्खन = 25 ग्राम
    7/ थोड़ा सा नींबू का रस.

    (ब) बनाने की विधि :- 
    पहले स्वर्ण भस्म या वर्क और हिंगुल को मिला कर एक जान कर लें. फिर शेष द्रव्य मिलाकर मक्खन के साथ अच्छी तरह घुटाई करें. अब नींबू का रस कपड़े की चार तह करके छान कर इसमें मिलायें. अब इसकी आठ-दस दिन तक नियमित रूप से इतनी घुटायी करें कि इसका चिकनापन पूरी तरह दूर हो जावे. अब इसकी एक-एक रत्ती की गोलियाँ बना लें.
    (स) सेवन की विधि :- 
    1 या 2 गोली सुबह शाम एक चम्मच च्यवनप्राश के साथ सेवन करें.
    (द) ''स्वर्ण मालिनी'' वसंत के लाभ एवं उपलब्धता :-
    इस दवाई का सेवन करने से महिलाओं को प्रदर रोग, शारीरिक क्षीणता व हर प्रकार की कमजोरी से मुक्ति मिलती है और शरीर स्वस्थ और सुडौल बनता है. इसके सेवन से शरीर के सभी अंगों को ताकत मिलती है व शरीर बलशाली बनता है. यह दवाई ''स्वर्ण मालिनी'' वसंत के नाम से ही बाजार में भी मिलती है.
    फ़ेसबुक से साभार

    2 comments:

    Vinay Prajapati said...

    हृदयस्पर्शी उत्कृष्ट

    --- शायद आपको पसंद आये ---
    1. अपने ब्लॉग पर फोटो स्लाइडर लगायें

    रविकर फैजाबादी said...

    उत्कृष्ट प्रस्तुति आज बुधवार के चर्चा मंच पर ।।

    There was an error in this gadget

    Followers

    प्यारी माँ

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    • जीवन की जंग - जीतनी तो थी जीवन की जंग तैयारियाँ भी बहुत की थीं इसके लिए कितनी तलवारें भांजीं कितने हथियारों पर सान चढ़ाई कितने तीर पैने किये कितने चाकुओं पर धार लगाई ...
    • संताप से भरे पुत्र का पत्र - कल एक पुत्र का संताप से भरा पत्र पढ़ने को मिला। उसके साथ ऐसी भयंकर दुर्घटना हुई थी जिसका संताप उसे आजीवन भुगतना ही होगा। पिता आपने शहर में अकेले रहते थे, ...
    • कानून पर कामुकता हावी - [image: Navodayatimes] १६ दिसंबर २०१२ ,दामिनी गैंगरेप कांड ने हिला दिया था सियासत और समाज को ,चारो तरफ चीत्कार मची थी एक युवती के साथ हुई दरिंदगी को लेकर ,आ...
    • ब्रह्म वाक्य - दुःख दर्द आंसू आहें पुकार सब गए बेकार न खुदी बुलंद हुई न खुदा ही मिला ज़िन्दगी को न कोई सिला मिला यहाँ रब एक सम्मोहन है और ज़िन्दगी एक पिंजर और तू म...
    • बस यूँ ही ~ 2 - *मैं जिंदा तो हूँ , जिंदगी नहीं है मुझमें * *फक़त साँस चल रही है ज़िस्म फ़ना होने तक !!* *सु-मन *
    • हेमलासत्ता [भाग- एक] - एक छोटे से गांव खेतासर में हेमला जाट रहता था। उसके घर में दूध, पूत, धन, धान्य सभी था। सभी तरह से उसकी जिन्दगी सुखपूर्वक कट रही थी। उसकी अपनी प्रिय पत्नी से...
    • नंबर रेस का औचित्य? - 10वीं 12वीं का रिजल्ट आया. किसी भी बच्चे के 90% से कम अंक सुनने में नहीं आये. पर इतने पर भी न बच्चा संतुष्ट है न उनके माता पिता। इसके साथ ही सुनने में आया...
    • आइना - है वह आइना तेरा हर अक्स का हिसाब रखता है तू चाहे याद रखे न रखे उसमें जीवंत बना रहता है बिना उसकी अनुमति लिए जब बाहर झाँकता है चाहे कोई भी मुखौटा लगा ल...
    • माँ तुझे प्रणाम - *माँ तुझे प्रणाम* *शत शत नमन कोटि प्रणाम * *माँ तुझे प्रणाम ।* *जब मैं तेरी कोख में आई * *तूने स्पर्श से बताया था * *ममता का कोई मोल नहीं * *तूने ही सि...
    • जाने कहाँ गया वो दिन??? - "आज कुछ special बना दो, Sunday है... " ... अभी तो परसों कढ़ाही पनीर बनी थी... "सुनो, मैं अपने दोस्तों से मिल कर आ रहा हूँ, वो आज Sunday है न..." ... हाँ, द...
    • अधूरे हम... - एक युवक बगीचे में खिन्न मुद्रा में बैठा था । एक बुजुर्ग ने उस परेशान युवक से पूछा - क्या हुआ बेटा क्यूं इतने परेशान हो ? युव...
    • नया साल ! - समर घर से निकला तो पत्नी और बच्चों के लिए गिफ्ट पहले ही खरीदता हुआ होटल पहुंचा था। रात में प्रोग्राम ख़त्म करके सीधे घर भागेगा क्यो...
    • - * गज़ल * तमन्ना सर फरोशी की लिये आगे खड़ा होता मैं क़िसमत का धनी होता बतन पर गर फना होता अगर माकूल से माहौल में मैं भी पला होता मेरा जीने का मक़सद आसमां से भी ...
    • वेदों में गायन कला - *- डॉ. शरद सिंह* *गायन मानव की संवेदनाओं को जागृत करता है.आज दुनिया भर में संगीत के महत्व पर वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं . पाश्चात्य जगत के व...
    • भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?
    • उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -9) - *(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती > हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में > ...

    मन की दुनिया

    नारी का पूर्ण सशक्तिकरण

    • मेरे मन की.... - मेरी पहली पुस्तक "मेरे मन की" की प्रिंटींग का काम पूरा हो चुका है | और यह पुस्तक बुक स्टोर पर आ चुकी है| आप सब ऑनलाइन गाथा के द्वारा बुक कर सकते है| मेरी...
      8 hours ago
     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.