बेटे की अंतिम इच्छा के लिए पिता ने श्मशान में काटा केक

Posted on
  • Saturday, August 18, 2012
  • by
  • DR. ANWER JAMAL
  • in
  • Labels:
  • 4 बेटों की मौत, अंतिम इच्छा के लिए पिता ने श्मशान में काटा केक…!

    धवल पटेल,सूरत। गुजरात,बर्थडे मनाने गोवा पहुचें शहर के चार युवकों सहित ड्राईवर की गुरुवार को भीषण सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। दुर्घटना अगासियम बायपास हाईवे के नजदीक हुई। चारों युवक प्राईवेट टैक्सी से बायपास से गुजर रहे थे, तभी दूसरी तरफ से आ रही टाटा मोबाइल कार से भिड़ंत हो गई। टैक्सी में सवार सूरत के चार युवकों सहित ड्राईवर की मौत हो गई। जबकि टाटा मोबाइल काड्राईवर गंभीर रूप से घायल है।चारों युवकों की उम्र 22 से 23 वर्ष के बीच थी और ये एक दोस्त का बर्थडे सेलीब्रेट करने गोवा पहुंचे थे। मृतकों की पहचान सिद्धार्थ सुराणा, रौनक गोती, गौरव तातेड, रोहित जैन और ड्राईवर जहीर अब्बास के रूप में हुई है।सूरत के ये चारों युवक टेक्सटाइल के बिजनेस से जुड़े हुए थे। गुरुवार को शहर के कापड बाजार में इन युवाओं कीमौत के समाचार से मातम पसर गया।रोहित का 16 अगस्त को जन्मदिन था। इसलिए दोस्त रोहित का बर्थडे सेलीब्रेट करने गोवा गए थे। परिजनों ने भी खुशी-खुशी इसकी सहमति दे दी थी। लेकिन जन्मदिन से पहले ही रोहित को मौत ने अपनी आगोश में ले लिया।शुक्रवार सुबह जब रोहित का शव श्मशान गृह ले जाया गया, तब परिजनों ने उसकी अधूरी इच्छा पूरी करने के लिए यहीं केक मंगाकर कटवाया और हैप्पी बर्थडे टू रोहित कहते हुए उसे अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देख यहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।
    Source : http://maunews.in/4-%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AE-%E0%A4%87%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9B%E0%A4%BE-%E0%A4%95/

    7 comments:

    रविकर फैजाबादी said...

    चारो बच्चे गुजरते, दुर्घटना परिणाम |
    किन्तु केक क्यूँ काटते, कटते अंग तमाम |
    कटते अंग तमाम, ड्राइवर भी मर जाता |
    ताम-झाम बेकाम, केक क्या कोई खाता |
    टी वी फोटो शूट, नया करने की चाहत |
    नहीं हजम हो बात, मौत पर रविकर आहत ||

    रेखा श्रीवास्तव said...

    अत्यंत दुखद घटना , उन बच्चों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि . ईश्वर उन सब की आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को धैर्य रखने की शक्ति प्रदान करे.

    dheerendra said...

    दुखद घटना,,,,,,,,,

    yashoda agrawal said...

    अपूरणीय क्षति
    अनहोनी दुर्घटना
    परिवार के सदस्यों के दुःख ने सहभागिनी
    सादर

    Reena Maurya said...

    बहुत दुखद घटना है
    भगवान उन भाइयो की आत्मा को
    शांति दे

    Pallavi saxena said...

    अत्यंत दुखद घटना , उन लोगों को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि . ईश्वर उन सब की आत्मा को शांति प्रदान करे और परिजनों को धैर्य रखने की शक्ति प्रदान करे.

    HAKEEM YUNUS KHAN said...

    uff...

    There was an error in this gadget

    Followers

    प्यारी माँ

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    • विश्वास - ‘विश्वास’ कितना आभासी है ना यह शब्द ! कितना क्षणिक, कितना छलनामय, कितना भ्रामक ! विश्वास के जिस धागे से बाँध कर कल्पना की पतंग को आसमान की ऊँच...
    • राजीव गांधी :अब केवल यादों में - शत शत नमन - एक नमन राजीव जी को आज उनकी जयंती के अवसर पर.राजीव जी बचपन से हमारे प्रिय नेता रहे आज भी याद है कि इंदिरा जी के निधन के समय हम सभी कैसे चाह रहे थे कि ...
    • हमें अपनी झील के आकर्षण में बंधे रहना है - #हिन्दी_ब्लागिंग मैं कहीं अटक गयी हूँ, मुझे जीवन का छोर दिखायी नहीं दे रहा है। मैं उस पेड़ को निहार रही हूँ जहाँ पक्षी आ रहे हैं, बसेरा बना रहे हैं। कहाँ ...
    • शापित मंजिलें - *... स्थितियाँ * *बदल देती हैं * *राह जिंदगी की ...* *... मंजिलें* *अक्सर अकेली रह * *शापित हो जाया करती हैं !!* *सु-मन *
    • बातें हैं बातों का क्या ....... - अम्बुआ की डाली पर चाहे न कुहुके कोयल किसी अलसाई शाम से चाहे न हो गुफ्तगू कोई बेनामी ख़त चाहे किसी चौराहे पर क्यों न पढ़ लिया जाए ज़िन्दगी का कोई नया शब्दक...
    • केवल राष्ट्र के लिए था यह सृजन - देश की स्वतंत्रता के लिए 1857 से लेकर 1947 तक क्रान्तिकारियों व आंदोलनकारियों के साथ ही लेखकों, कवियों और पत्रकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस समय...
    • कृष्ण लीला - ग्वाल बाल साथ ले कान्हा ने धूम मचाई गोकुल की गलियों में ! खिड़की खुली थी घर में छलांग लगाई खाया नवनीत खिलाया मित्रों को भी कुछ खाया कुछ फैलाया आहट ...
    • नींद बनाम ख्व़ाब - मैंने अपनी नींदें बेच, कुछ ख्वाब खरीदे थे। रख दिया था सहेज कर, उन्हें अपनी पलकों तले। वक़्त की बारिशों औ आंधी से, कुछ उड़ गए, कुछ बह गए। कुछ को बचाया जतन...
    • - गज़ल 1 मुहब्बत से रिश्ता बनाया गया उसे टूटते रोज पाया गया मुहब्बत पे उसकी उठी अँगुलियाँ सरे बज़्म रुसवा कराया गया यहाँ झूठ बिकता बड़े भाव पर मगर सच को ठेंगा द...
    • माँ तुझे प्रणाम - *माँ तुझे प्रणाम* *शत शत नमन कोटि प्रणाम * *माँ तुझे प्रणाम ।* *जब मैं तेरी कोख में आई * *तूने स्पर्श से बताया था * *ममता का कोई मोल नहीं * *तूने ही सि...
    • जाने कहाँ गया वो दिन??? - "आज कुछ special बना दो, Sunday है... " ... अभी तो परसों कढ़ाही पनीर बनी थी... "सुनो, मैं अपने दोस्तों से मिल कर आ रहा हूँ, वो आज Sunday है न..." ... हाँ, द...
    • अधूरे हम... - एक युवक बगीचे में खिन्न मुद्रा में बैठा था । एक बुजुर्ग ने उस परेशान युवक से पूछा - क्या हुआ बेटा क्यूं इतने परेशान हो ? युव...
    • नया साल ! - समर घर से निकला तो पत्नी और बच्चों के लिए गिफ्ट पहले ही खरीदता हुआ होटल पहुंचा था। रात में प्रोग्राम ख़त्म करके सीधे घर भागेगा क्यो...
    • वेदों में गायन कला - *- डॉ. शरद सिंह* *गायन मानव की संवेदनाओं को जागृत करता है.आज दुनिया भर में संगीत के महत्व पर वैज्ञानिक शोध हो रहे हैं . पाश्चात्य जगत के व...
    • भ्रष्ट आचार - स्वतंत्र भारत की नीव में उस समय के नेताओं ने अपनी महत्त्वाकांक्षाओं के रख दिये थे भ्रष्ट आचार फिर देश से कैसे खत्म हो भ्रष्टाचार ?
    • उदास आँखों में छुपी झुर्रियों की दास्तान (भाग -9) - *(रात में बेटी के फोन की आवाज़ से जग कर वे,अपना पुराना जीवन याद करने लगती > हैं.उनकी चार बेटियों और दो बेटों से घर गुलज़ार रहता. पति गाँव के स्कूल में > ...

    मन की दुनिया

    नारी का पूर्ण सशक्तिकरण

     
    Copyright (c) 2010 प्यारी माँ. All rights reserved.