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'सत्यमेव जयते' में पतियों के जुल्म की कहानी 'satymev-jayate'


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नई दिल्‍ली।। 'सत्‍यमेव जयते' में आमिर ने इस हफ्ते उठाया महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा का मुद्दा। शो की शुरुआत में दर्शकों की लाइन में बैठे सभी पुरुषों से आमिर ने पूछा कि ऐसी कौन सी जगहे हैं, जहां महिलाएं असुरक्षित हैं? दर्शकों ने लोकल ट्रेन, सबवे से रात को अकेले गुजरना, कॉल सेंटर्स को महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित बताया। लेकिन आमिर ने बताया कि महिलाएं पब्लिक प्लेसों मे नहीं बल्कि घर में असुरक्षित हैं।
आमिर ने शो में मुंबई निवासी स्‍नेहलता को बुलाया और दर्शकों को उनकी कहानी उन्हीं की जुबानी सुनवाई कि कैसे उनके पति उनके साथ मारपीट करते थे और बात-बात पर गंदी गालियां देते थे, हाथ उठाते थे। स्नेहलता ने बताया कि एक बार पति की पसंद के चावल नहीं बने तो उन्होंने उसे जोर से थप्‍पड़ मार दिया। थप्पड़ मारते वक्त पति ने यह तक नहीं देखा कि स्नेहलता की गोद में उनकी छोटी सी छोटी बच्‍ची भी थी। थप्पड़ इतनी जोर से मारा गया कि गोद से बच्ची जमीन पर गिर गई। यही नहीं, एक बार वह अपने भाई से मिलने गईं तो पति ने यहाँ तक भला-बुरा कहा कि अपने यार से मिलकर आई है। जब उन्होंने कहा कि वह उसका भाई है तो पति बोला कि भाई है तो क्या हुआ है तो पुरुष ही न। स्नेहलता ने बताया कि जरा सी बात पर उन्हें रात-रात भर घर से बाहर रखा जाता था। सालों तक उन्होंने अपनी बच्ची की वजह से यह सब सहा, लेकिन एक दिन उनके सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पति को छोड़ने का फैसला कर लिया।
शो में जानी-मानी लेखिका और दिल्‍ली में घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं और बच्‍चों की काउंसिलिंग करने वालीं रश्मि आनंद को भी बुलाया गया था, जो खुद सालों तक घरेलू हिंसा की शिकार रही हैं। रश्मि ने बताया कि किस तरह शादी के दो-तीन दिन के बाद ही उन पर अत्याचार होने लगे, बात-बात पर मारा-पीटा जाने लगा। उन्होंने कहा कि शुरुआत में तो उनका पति यह सब करने के बाद काफी रोता था और माफी मांगता था, लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीता पति का रोना कम होता गया और जुल्म बढ़ते गए। तैयार नहीं तो थप्‍पड़, गलती से बहस की तो थप्‍पड़।
रश्मि ने कहा कि जब वह प्रेगनेंट थीं तो उनके पति ने पहली मंजिल की सीढ़ियों से धक्का दे दिया था, जिससे बच्चे की मौत हो गई थी। हर साल कोई न कोई हड्डी टूटती। रश्मि ने सालों तक यह सोचकर सबकुछ सहती रहीं कि दो बच्चों के साथ वह कहां जाएंगीं और क्या करेंगी... लेकिन फिर रश्मि पति को छोड़ अपने मां-बाप के पास वापस कोलकाता चलीं गईं और आज वह अपने बच्चों की मां भी हैं और पिता भी। रश्मि ने बताया कि जब उन्‍होंने अपने पति को छोड़ दिया तो उनके पति ने उनके चरित्र पर उंगलियां उठाईं। उन्‍हें बदनाम करने की कोशिशें कीं।
आमिर ने शो में आकंड़े पेश किए और बताया कि भारत सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक 40 प्रतिशत औरतें घर में मार-पीट की शिकार होती हैं। वहीं प्‍लानिंग कमीशन की एक रिपोर्ट के अनुसार 84 प्रतिशत महिलाओं पर कभी न कभी पति और उनके घर वालों ने हाथ उठाया होता है। इस हिसाब से अगर बीच की संख्‍या लें तो 50 फीसदी महिलाएं घर में मारपीट का शिकार होती हैं।
Source : http://navbharattimes.indiatimes.com/satyamev-jayate/articleshow/14204264.cms

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