माँ एक कोमल एहसास , माँ ज़िन्दगी की ख्वाब , माँ दुनिया की सबसे बड़ी नेमत । इन मुर्गी के बच्चों को जरा गौर से देखिये ... अपनी माँ से कैसे लिपटे हुए हैं । और इस माँ ने अपने बच्चों को कैसे अपने ऊपर , अपने परों में छिपा रक्खा है । यही है माँ का अनूठा प्यार । सरे जहाँ की नेमतों में सबसे बड़ी नेमत है माँ का प्यार, इसी लिए लोग कहते हैं कि मेरे पास माँ है , माँ ... मुनव्वर राना के शब्दों में ... जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है , माँ दुआ करती हुई ख्वाब में आ जाती है । मुसीबत के दिनों ...
Comments
मुन्नवर राणा ने कहा भी है की "मैं जब बाहर निकलता हूँ,मेरी माँ सजदे में होती है,माँ के सामने कभी रोना नहीं ,जहाँ बुनियाद हो वहां इतनी नमी अच्छी नहीं होती" |
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।
http://sandeshpoint.blogspot.com
कुंवर बैचेन जी कि पंक्तियाँ हैं...
बढ़िया शेयरिंग.