तुझे चाह था टूटकर मैने माँ---
हर घड़ी, हर पल,
तुझे महसूस किया था माँ,
दिल के पास --बहुत पास माँ,
आज भी हे ,
दिल में ,
तेरे प्यार का एहसास ,
तुझसे यह उम्मीद तो न थी माँ ---
की तू मुझे यू अकेला छोड़ जाएगी ---
दिल मायूस मेरा,
ज़बा खामोश है ,
आँखों से बहती आंसू की धारा,
हर आंसू का कतरा --
तुझसे शिकायत करता हे माँ ---
तू ऐसी तो न थी माँ ---
तू ऐसी तो न थी माँ ---?
( माँ की यादे , माँ का प्यार मेरे लिए सिर्फ यादे हे जो मै महसूस करती हु वही लिखती हु -------दर्शन ! )

Comments
हमारे बच्चे हमीं से सवाल करने लगे
ऐसा ही कुछ आपकी माता जी भी आपसे कहती होंगी।
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (17-2-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।
http://charchamanch.blogspot.com/
आपकी पीड़ा आपकी मां तक पहुँचती है और वो आपको दुलारती भी हैं .
मैं कोई अलंकार में नहीं कह रहा हूँ .
आप जब चाहे अपनी मां से मिल सकती है और उनसे बातें भी कर सकती हैं.
हर चीज़ आपके विश्वास और आपकी प्रार्थना पर टिकी हुई है .
जिसके पास यह दोनों हैं उसे विधि मैं बता सकता हूँ .
बिलकुल आसान और निरापद विधि है.
मां कभी जुदा नहीं होती और
रूहों से कभी फासला नहीं होता .