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  • Friday, February 4, 2011
  • by
  • shikha kaushik
  • in
  • ''माँ! तेरे जैसा कोई नहीं ..''

    माँ! तेरे जैसा कोई नहीं!
    हम सब गलत
    बस तुम ही सही.
    तुम्हरे आँचल
    की छाया में;
    सब कुछ हमने पाया.
    तुम्हारा स्नेह पाकर
    ही हमने पाई
    है ये काया.
    ''तुम हो तो हम है
    तुम नहीं तो हम नहीं''.
    माँ! तेरे जैसा कोई नहीं!

    6 comments:

    शालिनी कौशिक said...

    kya bat kahi hai aapne .vastav me maa jaisa koi nahi .bahut sundar bhav poorn kavita..

    Sharif Khan said...

    nice post.

    Sharif Khan said...

    eik achchhi post ke liye mubarakbad.

    एस.एम.मासूम said...

    तुम हो तो हम है
    तुम नहीं तो हम नहीं''.
    माँ! तेरे जैसा कोई नहीं!
    .
    बहुत खूब

    DR. ANWER JAMAL said...

    मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊँ
    माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ

    Nice post.

    Welcome.

    Sunil Kumar said...

    माँ तो आख़िर माँ है.....

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    प्यारी माँ

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