आँचल

Posted on
  • Thursday, February 24, 2011
  • by
  • Shalini Kaushik
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  • प्रेम से युक्त है वह आँचल,
     स्नेह से संयुक्त है वह आँचल,
       ममता का आगार है वह आँचल,
        प्यार का भंडार है वह आँचल,
      सुख में प्यार छलकाता है वह आँचल,
     दुःख में गले लगाता है वह आँचल,
    सब पर प्यार लुटाता है वह आँचल,
      सबको पास बुलाता है वह आँचल,
       शक्ति से परिपूर्ण है वह आँचल,
         धेर्य से सम्पूर्ण है वह आँचल,
       और नहीं कोई ,वह है  ,
    "माँ का आँचल"

    7 comments:

    शिखा कौशिक said...

    बहुत सार्थक प्रस्तुति .....

    DR. ANWER JAMAL said...

    तेरे दामन में सितारे हैं तो होंगे ऐ फ़लक
    मुझको अपनी माँ की मैली ओढ़नी अच्छी लगी

    फ़लक=आसमान

    माँ का आँचल आसमान से भी ज़्यादा अच्छा लगता है कि इसमें प्यार का अहसास है ।

    Anjana (Gudia) said...

    शक्ति से परिपूर्ण है वह आँचल,
    धेर्य से सम्पूर्ण है वह आँचल,

    sach hai...

    ek sunder rachna!

    रश्मि प्रभा... said...

    saagar sa aanchal lahraye ... aur sirf moti lutaye

    Minakshi Pant said...

    बहुत खुबसूरत रचना |

    सदा said...

    बहुत ही सुन्‍दर भावमय करते शब्‍द ...मां का आंचल अनुपम प्रस्‍तुति ।

    वन्दना said...

    बहुत खुबसूरत रचना |

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