माँ ऐसे कपूत को क्यों माफ़ करेगी ? Maa

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  • Thursday, November 17, 2011
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  • DR. ANWER JAMAL
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  •  Facebook  पर Arun Garg ji ने बताया -
    बेटे ने अपनी 75 वर्षीय बूढी माँ से पूछा "माँ चल तुझे तीर्थ करा लाता हूँ" बूढी माँ बोली इससे ज्यादा भली बात और क्या होगी, मन ही मन सोचती है आखिर संस्कारी पिता का संस्कारी पुत्र है मेरा बेटा. इस तरह माँ बेटे माँ वैष्णो देवी की यात्रा पर निकल पड़ते है, ट्रेन के सफ़र के थकेहारो ने कटरा की धर्मशाला में शरण ली. बेटा माँ से बोला माँ तुम तो वैसे भी बहुत थकी हो, माँ वैष्णो की चढाई नहीं कर सकोगी तुम यही ठहरो मैं मईया का प्रसाद चढ़ा के आता हूँ.
    माँ की आँखों में वात्सल्य की बूंदे छलक आई, मेरा बेटा कितना लायक है, भगवान् सबको ऐसा ही सपूत दे. बेटा कटरा से वैष्णो देवी निकल पड़ा. जब 2 दिन तक नहीं लौटा तो माँ को चिंता होने लगी, मन में बेटे की कुशलता की प्रार्थना करने लगी. वह धर्मशाला के मेनेजर के पास जा पहुंची और बोली "बेटा मेरा बेटा वैष्णो देवी से नहीं लौटा, आज दो दिन पूरे हो गए. मेनेजर बोला "अम्मा तेरा बेटा अब वैष्णो देवी से नहीं लौटेगा. वह तेरे खर्चे के पैसे हमें दे गया है, और हमें 1500 रुपए हर महीने भेज दिया करेगा". माँ सन्न रह गयी, कुछ देर बाद बोली, बेटा तुम मुझे 200 रुपये दे कर मेरी जरा मदद कर सकते हो, तुम्हारा अहसान मानूंगी. मैनेजर ने उसके पैसो में से 200 रुपये दे दिए.
    वह उन 200 रुपये की मदद से अपने घर वापस लौट आई और अपने पति के रैक में रखी अपने नाम की वसीयत लेकर चली गयी, उस वसीयत की जानकारी सिवा उस बुडिया के किसी को नहीं थी. उसने अपने पति का डुप्लेक्स बेच दिया जिससे आज उसका बेटा बेघर हो गया. माँ को बेघर करने वाला आज खुद बेघर हो गया.
    अब बहु बेटा माँ से माफ़ी मांग रहे है. 
    माँ ऐसे कपूत को क्यों माफ़ करेगी ?

    15 comments:

    दिगम्बर नासवा said...

    ऐसे कपूतों को माफ नहीं करना चाहिए कभी भी ...

    वाणी गीत said...

    सभी माएं इतनी मजबूत हो जाये तो कपूत ही नहीं बचेंगे !

    POOJA... said...

    bahut sahi... saari MAA aisi hi ho jaayen to kitna acchha ho... beta-bahu, sab sudhar jayenge...

    कुमार राधारमण said...

    कुछ कमी रह जाती है संस्कार के स्तर पर। मांओं को भी इस पर विचार करना चाहिए।

    "जाटदेवता" संदीप पवाँर said...

    जैसे को तैसा

    Unlucky said...

    Congratulations and thanks for sharing this info to all your visitor… Btw how did you get a clean site like this? Once again thanks a lot.

    From everything is canvas

    Navin C. Chaturvedi said...

    माँ-बाप की सेवा करना हर औलाद का कर्तव्य होता है, और धर्म भी। सब को इस का अनुपालन करना चाहिए।

    मैं और मेरा परिवेश said...

    इतने अमानवीय कैसे हो जाते हैं लोग।

    vandana said...

    ठीक किया माँ ने

    Sumit Madan said...

    bahu acha kiya jaise ko taisa

    utkarsh said...

    bahut sahi kiya yahi karna chahiye aise logo ke saath bahut hi accha naam hai is blog ka ab tak ke sabhi blog me se best blog hai ye

    V.P. Singh Rajput said...

    बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।
    मेरा शौक
    मेरे पोस्ट में आपका इंतजार है
    आज रिश्ता सब का पैसे से

    Mamta Bajpai said...

    सचमुच ..दिल दहलाने वाली घटना है माफी का
    तो प्रश्न ही नहीं उठता

    vikram7 said...

    उफ ....माँ के साथ ऐसा बर्ताव , अति निंदनीय

    v7: स्वप्न से अनुराग कैसा........

    Lucy Saputri said...

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